सुप्रीम कोर्ट से दूसरी बड़ी चुनौती भी खारिज चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त

सुप्रीम कोर्ट से दूसरी बड़ी चुनौती भी खारिज  चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त

अब ट्रायल से नहीं बच पाएंगे देवेंद्र यादव: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, 31 अगस्त से शुरू होगी चुनाव याचिका की सुनवाई

25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दूसरी बड़ी चुनौती भी खारिज — अब हाईकोर्ट में मेरिट पर होगा ट्रायल, जल्द आ सकता है चुनाव याचिका का फैसला

भिलाई। 2023 के विधानसभा चुनाव में महज करीब 1200 मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले देवेंद्र यादव के सामने अब चुनाव याचिका का ट्रायल एक बड़ी कानूनी चुनौती बनकर सामने है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडेय द्वारा जनवरी 2024 में दायर चुनाव याचिका में नामांकन पत्र में संपत्ति, आपराधिक प्रकरण, न्यायालय से फरारी से संबंधित कथित गलत जानकारी देने और भ्रष्ट आचरण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इस चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त कराने और ट्रायल को टालने के लिए देवेंद्र यादव की ओर से अब तक कई कानूनी प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें लगातार न्यायिक झटके लगे हैं। आज 25 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने इस मामले की दिशा लगभग पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट से दूसरी बड़ी चुनौती भी खारिज

चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त कराने के लिए देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन लगाया था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए SLP No. 6306/2025 दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया और मामले का निर्णय मेरिट पर ट्रायल के माध्यम से होने का रास्ता साफ किया।

इसके बाद हाईकोर्ट में वाद-प्रश्न निर्धारित होने के बावजूद देवेंद्र यादव की ओर से आदेश 14 नियम 2 के तहत भी आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

इसी आदेश के खिलाफ देवेंद्र यादव एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।

25 अगस्त 2026 को मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनौती को भी प्रवेश के स्तर पर ही खारिज कर दिया।

अर्थात अब चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी कोई राहत नहीं मिली है।

अब 31 अगस्त से शुरू होगा ट्रायल

सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश के बाद अब चुनाव याचिका के ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट पहले ही वाद-प्रश्न निर्धारित कर चुका है और 31 अगस्त से चुनाव याचिका में ट्रायल की कार्यवाही शुरू होने जा रही है।

अब मामला तकनीकी आपत्तियों और प्रारंभिक अर्जियों से आगे बढ़कर वास्तविक साक्ष्य और आरोपों की न्यायिक जांच के चरण में पहुंच चुका है।

यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है।

पांडेय पक्ष के अधिवक्ता ने दी सुप्रीम कोर्ट की जानकारी

प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में AOR अधिवक्ता देवाशीष तिवारी ने आज हुई सुनवाई और न्यायालय के आदेश की जानकारी दी।

उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव की ओर से की गई इस चुनौती को भी खारिज कर दिया गया है और अब मामले का ट्रायल हाईकोर्ट में ही आगे बढ़ेगा।

अब बहुत जल्द आएगा चुनाव याचिका का फैसला?

लगातार प्रारंभिक कानूनी चुनौतियों के कारण अब तक चुनाव याचिका की कार्यवाही में समय लगा, लेकिन अब महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक बाधाएं दूर हो चुकी हैं। 31 अगस्त से ट्रायल शुरू होने के साथ मामला निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है।

यदि ट्रायल निर्धारित गति से आगे बढ़ता है और साक्ष्य की कार्यवाही पूरी होती है, तो चुनाव याचिका पर अब पहले की तुलना में काफी जल्दी अंतिम निर्णय आने की संभावना बन गई है।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि चुनाव याचिका सीधे 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणाम और देवेंद्र यादव के निर्वाचन की वैधता से जुड़ी है।

देवेंद्र यादव की विधायकी पर मंडरा रहा खतरा

यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मामला नहीं है। चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप यदि ट्रायल के दौरान साक्ष्यों से सिद्ध होते हैं और न्यायालय याचिका को स्वीकार करता है, तो इसका सीधा प्रभाव देवेंद्र यादव के निर्वाचन और विधानसभा सदस्यता पर पड़ सकता है।

यानी जिस चुनाव में देवेंद्र यादव महज करीब 1200 मतों से विजयी हुए थे, उसी चुनाव का परिणाम अब अदालत में चुनौती के अंतिम न्यायिक परीक्षण के सामने है।

अब तक मामला रोकने के लिए अपनाए गए कानूनी रास्ते एक-एक करके बंद हो चुके हैं। हाईकोर्ट का आदेश 7 नियम 11 पर फैसला, सुप्रीम कोर्ट में SLP 6306/2025 की असफल चुनौती, हाईकोर्ट में आदेश 14 नियम 2 का आवेदन खारिज होना और अब 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से दूसरी चुनौती का भी खारिज होना—इन घटनाक्रमों के बाद अब अगला पड़ाव सिर्फ ट्रायल है।

अब फैसला अदालत में साक्ष्यों से होगा

राजनीतिक रूप से यह घटनाक्रम देवेंद्र यादव के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है, क्योंकि अब चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त कराने का रास्ता बंद हो गया है।

31 अगस्त से शुरू होने वाला ट्रायल यह तय करेगा कि प्रेम प्रकाश पांडेय द्वारा लगाए गए आरोप और प्रस्तुत साक्ष्य न्यायालय की कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं।

और इसी ट्रायल के परिणाम पर यह निर्भर करेगा कि 2023 में लगभग 1200 मतों से मिली देवेंद्र यादव की जीत न्यायिक जांच की कसौटी पर कायम रहती है या चुनाव याचिका कोई नया परिणाम सामने लाती है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है—अब मामला टालने का नहीं, ट्रायल का है। और 25 अगस्त 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव याचिका अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।