गणतंत्र दिवस का महत्व: संविधान, नागरिक अधिकार और लोकतंत्र का उत्सव - शिवानंद नगर झंडा चौक में मनाई गई

गणतंत्र दिवस का महत्व: संविधान, नागरिक अधिकार और लोकतंत्र का उत्सव - शिवानंद नगर झंडा चौक में मनाई गई

रायपुर न्यूज / गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जहां देश प्रदेश में बडी धूम-धाम से मनाया जा रहा है वहीं रायपुर छ ग के शिवानंद नगर झंडा चौक में भी बडी धूम-धाम से तिरंगा ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय गीत कर सलामी दी गई तथा मिठाइयों से मुंह मिठा कि गई शिवानंद नगर झंडा चौक पर मोहल्लेवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे हैं। आईए जाने गणतंत्र दिवस के बारे में कुछ ख़ास बातें जो हमें बहुत कुछ सिखाती है।

गणतंत्र दिवस का महत्व: संविधान, नागरिक अधिकार और लोकतंत्र का उत्सव - 
गणतंत्र दिवस भारत के राष्ट्रीय जीवन का वह स्वर्णिम पर्व है जो हमें केवल आजादी की याद नहीं दिलाता बल्कि स्वतंत्रता के बाद मिलें आत्मसम्मान, स्वशासन और संवैधानिक अधिकारों का बोध कराता है 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना स्वयं का संविधान लागू कर यह स्पष्ट कर दिया कि अब देश की सर्वोच्च शक्ति किसी राजा,शासक या विदेशी सत्ता में नहीं बल्कि भारत की जनता में निहित है।
गणतंत्र दिवस का मूल भाव यह है कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जहां शासन कानून के अनुसार चलता है न कि किसी व्यक्ति की इच्छा से - यही कारण है कि संविधान को भारत का सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय, स्वतंत्रता,समानता और बंधुत्व केवल शब्द नहीं बल्कि हर नागरिक के जीवन का मार्गदर्शन करने वाले मूल्य है।
इस दिन का विशेष महत्व मौलिक अधिकारों से भी जुड़ा है संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विचार रखने, शांतिपूर्ण विरोध करने और सवाल पूछने का अधिकार देता है इसी अनुच्छेद की भावना से आगे चलकर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 जैसा सशक्त कानून बना जिसमें आम नागरिक को सरकार से जवाब मांगने की ताकत दी यह दर्शाता है कि गणतंत्र दिवस केवल औपचारिक समारोह नहीं बल्कि नागरिक सशक्तिकरण का प्रतीक है।
गणतंत्र दिवस हमें यह भी सिखाता है कि लोकतंत्र केवल अधिकारों से नहीं बल्कि कर्तव्यों से मजबूत होता है संविधान प्रत्येक नागरिक से अपेक्षा करता है कि वह राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में योगदान दें, मतदान करना, कानून का पालन करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाना ये सभी एक सच्चे गणतंत्र नागरिक के कर्तव्य है।
दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड भारत की सैन्य क्षमता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का भव्य प्रदर्शन होती है विभिन्न राज्यों की झांकियां यह संदेश देती है कि भिन्न-भिन्न भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद भारत एक हैं यह दृश्य हर भारतीय के मन में गर्व और जिम्मेदारी दोनों का भाव पैदा करता है।
विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में गणतंत्र दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि यही से भावी नागरिकों में संविधान के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक चेतना विकसित होती है बच्चों को यह समझाया जाता है कि तिरंगा केवल झंडा नहीं बल्कि त्याग, बलिदान और समान अधिकारों का प्रतीक है।
अंततः गणतंत्र दिवस हमें आत्ममंथन का अवसर देता है - क्या हम अपने अधिकारों के प्रति सजग है, क्या हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं, गणतंत्र दिवस का सच्चा सम्मान तभी है जब हम संविधान को केवल पढ़ें नहीं बल्कि जीवन में उतारें,यही संकल्प भारत को एक सशक्त, न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाए रखेगा, गणतंत्र दिवस लोकतंत्र की आत्मा का पर्व है।
           सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।