छत्तीसगढ़ राज्य जा रहा पलायन कि ओर, धोखाधड़ी - अपराधिक प्रवृत्ति लोगों को सरकार का संरक्षण लेने पुरजोर प्रयास जारी,
छत्तीसगढ़ राज्य जा रहा पलायन कि ओर, धोखाधड़ी - अपराधिक प्रवृत्ति लोगों को सरकार का संरक्षण लेने पुरजोर प्रयास जारी,
रायपुर न्यूज / राजधानी रायपुर में ऐसे कई अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को देखा जा सकता है जो अपने गुनाह को छिपाने के लिए या फिर कह सकते है कि आम जनता पर धौस ज़माने के साथ - साथ धोखाधड़ी - फर्जीवाड़ा जैसे कई संगीन अपराध को अंजाम देकर अपने अपने क्षेत्र के विधायक मंत्रियों के फोटो का दुरूपयोग कर फ्लैक्स बैनर लगाकर अपने कारनामों को अंजाम दिया जाता है जिससे कोई पीड़ित इन जैसों के खिलाफ ना जा सकें और अपने गलत मनसूबों को खुलेआम बेखौफ होकर अंजाम दिया जा सके, मालूम हो कि ऐसे ही एक धोखाधड़ी का मामला शिवानंद नगर के बिल्डर का कारनामा विगत वर्ष 19 मार्च 2020 से चलता आ रहा है जो दैनिक अखबार नई दुनिया / पत्रिका ने ऐसे बिल्डर का धोखाधड़ी कारनामा का खबर प्रमुखता से प्रकाशित कर उजागर किया गया उक्त बिल्डर ने पूर्व में शिवानंद नगर निवासी एक महिला के साथ धोखाधड़ी किए जाने पर पीड़ित महिला ने थाना खमतराई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उक्त बिल्डर ने 28 दिसम्बर 2011 को बैंक से लोन दिलवाकर मकान खरीदवाने का झांसा दिया कि श्रीनगर दुर्गा मंदिर के पास मकान दिखाकर रजिस्ट्री करवाईं उसके पश्चात वर्ष 25 दिसम्बर 2019 को पीड़ित महिला के पति के देहांत पश्चात पता चला कि उक्त बिल्डर ने जिस मकान को श्रीनगर दुर्गा मंदिर स्थित बताकर रजिस्ट्री किया गया वह फर्जी है तब पीड़ित महिला ने पटवारी से मिलने के बाद वास्तविक जानकारी मिली कि उनकी खरीदीं हुईं मकान श्रीनगर दुर्गा मंदिर नहीं बल्कि गोंदवारा फाटक तरफ होना बताया गया तथा पतासाजी करने पर पता चला कि उक्त बिल्डर ने पूर्व में रेल कर्मचारी रहा है वर्ष 2019 में (वीआरएस) स्वेच्छा सेवानिवृत्त लिया गया चूंकि उक्त बिल्डर द्वारा रेलकर्मियों के फर्जी कागजात बनवाकर बैंकों से तकरीबन 10 करोड़ लोन निकाल कर धोखाधड़ी किया गया पकड़े जाने के डर से रेल विभाग से नौकरी छोड़ी गई चूंकि नौकरी के दौरान अगर धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ होता तो जो रेल विभाग से मिलने वाली सुविधाएं हैं वह बंद हो जाती उस डर से बिल्डर ने वीआरएस लेकर नौकरी छोड़ दी ठीक उसी पश्चात वर्ष 2020 में बैंकों में फर्जी दस्तावेज लगाकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला उजागर हुआ सूत्रों अनुसार उक्त बिल्डर के माध्यम द्वारा यूनियन बैंक, ओवरसीज बैंक से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए का हेराफेरी किए जाने पर राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, न्यू राजेन्द्र नगर,सिटी कोतवाली,गंज, आज़ाद चौक, तथा खम्हारडिह थानों में धारा 419,420,467,468,471,120 बी , अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया, इसके अलावा सूत्रों अनुसार उक्त बिल्डर पर रेल भूमि (रेल्वे ज़मीन) अवैध कब्जा कर अपना स्वामित्व भूमि बताकर मकान बनाकर धोखाधड़ी कर बेचा गया पर यह बिल्डर इतना शातीर है कि उक्त भूमि अपने नाम ना रखकर उनके पास काम कर रहे लोगों के नाम कर मकान बनाकर बेचा गया है जिसका जल्द ही खुलासा आगे किया जाना सुनिश्चित है उसके बावजूद राज्य सरकार के मंत्रियों - विधायकों को अपने किए गए धोखाधड़ी अपराध छिपाकर संरक्षण प्राप्त करने में लगे हुए हैं मालूम हो कि वर्तमान में उक्त बिल्डर द्वारा राज्य सभा सांसद सदस्य एवं मुख्यमंत्री के साथ भेट मुलाकात कर अपने अपराधिक प्रकरण पर पर्दा डालने व संरक्षण पाने का पुरजोर प्रयास जारी हैं , पर सवाल यह खड़ी हो रही है कि जब ऐसे धोखाधड़ी व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा संरक्षण - पनाह या कह सकते है कि शायद संरक्षण दिया जाऐगा तो जरा सोचिए हमारा छत्तीसगढ़ राज्य किस ओर जाते दिखेगा ।
अगले अंक में और बड़ा खुलासा, साक्ष्य के साथ,
झूठ से सामना - सच के साथ





