श्री श्री श्री रूद्रेश्वर महादेव शिव मंदिर से शिव भक्तगण तथा महिला शिवभक्तों द्वारा सावन पर्व

श्री श्री श्री रूद्रेश्वर महादेव शिव मंदिर से शिव भक्तगण तथा महिला शिवभक्तों द्वारा सावन पर्व

रायपुर न्यूज / सावन का अंतिम सोमवार के शुभ अवसर पर कई मंदिरों में पूजा अर्चना धूमधाम से कि गई है इसी शुभ अवसर पर शिवानंद नगर झंडा चौक के श्री श्री श्री रूद्रेश्वर महादेव शिव मंदिर से शिव भक्तगण तथा महिला शिवभक्तों द्वारा सावन पर्व पर बुधवार को कांवड़ यात्रा निकाली गई कांवड़ यात्रा निकाल कर श्री रूद्रेश्वर महादेव को जलाभिषेक कर पुरी श्रद्धा से पुजा अर्चना की गई , 
मालूम हो कि भगवान शंकर को सर्वाधिक प्रिय श्रावण मास का चौथा व अंतिम सोमवार चार अगस्त को रहा है। सावन के सोमवार का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भोलेशंकर को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा- अर्चना की जाती है ,
भगवान शंकर को सर्वाधिक प्रिय श्रावण मास का चौथा व अंतिम सोमवार चार अगस्त बड़ी धूमधाम से पुजा अर्चना की गई है। 
सावन के सोमवार का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भोलेशंकर को समर्पित होता है। इस दिन विधि- विधान से भगवान शंकर की पूजा- अर्चना की जाती है। सावन के अंतिम सोमवार पर कई तरह के शुभ संयोग बने हैं। सुबह 7 बजकर 4 मिनट से सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक ऐन्द्र योग, रवि योग व सर्वार्थसिद्धि योग रहा है। दोपहर से (प्रदोष काल एवं रात्रिकाल) में एकादशी तिथि भी लगी है ।

आइए जानते हैं सावन के अंतिम सोमवार पर शिवभक्तों द्वारा कि गई पूजा-अर्चना:


पूजा-विधि: इस पावन दिन पर सुबह जल्दी उठकर और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण कर  घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर दीप जलाने के बाद सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक कि गई शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाकर भगवान शिव को पुष्प अर्पित कर भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित कर इसके बाद भगवान शिव की आरती कि गई और भोग भी लगाएं गये ।

 भगवान भोलेनाथ के साथ भगवान विष्णु की पूजा भी अवश्य की जाती है धर्मग्रंथो के अनुसार इस विशेष समय में दोनों स्थानों पर दीपक जलाएं तथा पायस (खीर) का भोग लगाकर ॐ नम: शिवाय एवं ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

व्रत रखने वाली महिलाएं जरूर करें मां पार्वती की पूजा-
श्रावण सोमवार का व्रत रखने वाली महिलाओं को सायंकाल में भगवान भोलेनाथ के साथ मां पार्वती का पूजन भी अवश्य करना चाहिए।

मंत्र-
शिव मंत्र: ॐ नमः शिवाय ॥

महामृत्युंजय मंत्र : ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

शिव गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

आरती-
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव...

एकानन चतुरानन पंचानन राजे,

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव...

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,

त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव...

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी,

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव...

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव...

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,

जगकर्ता जगभर्ता जग संहारकर्ता॥ ॐ जय शिव...

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,

प्रणवाक्षर में शोभित यह त्रिवेद का टीका॥ ॐ जय शिव...

शिव ओंकारा शिव ओंकारा हर ऊंकारा,

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव...

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव...