पीड़ित विधवा महिला एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की शिकायत पर रेलवे विभाग ने गंभीरता पूर्वक संज्ञान
रायपुर न्यूज / पीड़ित विधवा महिला एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की शिकायत पर रेलवे विभाग ने गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए अप बाईपास रेल लाइन के किनारे अवैध रूप से मकान बनाकर बेचे जाने की शिकायत पर c i b ने जांच की है साथ ही जांच जारी है कल विगत दिनांक 10/07/2025 को जांच के दौरान कई ऐसे मकाने रेल्वे जमीन के कुछ हिस्सों पर बनी होने कि पुष्टि हुई है आज नई दुनिया दैनिक समाचार पत्र में यह खबर लगी है कि रेल जमीन पर किसी भी प्रकार से अवैध कब्जा तथा मकान नहीं बनी है एवं इस निर्माण में रेल्वे के एक पूर्व रेलकर्मी टी गोपी की संलिप्तता नहीं पाई गई है जिस पर ऐसे खबर पुष्टि के लिए जब रेल विभाग से राजधानी हलचल टीम जानना चाहता तो रेल विभाग के p w i जांच अधिकारी ने बताया कि यह खबर की पुष्टि हमारे द्वारा नहीं किया गया है जांच के दौरान पाया गया कि रेल जमीन के कुछ हिस्सों में अवैध कर रेल जमीन पर कुछ मकानो कि हिस्सा बनी हुई है साथ ही जिन - जिन व्यक्तियों की मकान का हिस्सा रेल जमीन पर बनी हुई है उन्होंने बताया कि उक्त मकान टी गोपी द्वारा बनाकर दिया गया है मालूम हो कि विगत वर्ष 2015 से आज वर्तमान तक मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में रेल जमीन पर अवैध कब्जा के संबंध लगातार शिकायत मिलने से रेल विभाग द्वारा कई बार जांच किया गया तथा अवैध कब्जाधारियों को नोटिस भी जारी कर समय रहते खाली करने की हिदायत दी गई है सूत्रों के अनुसार पूर्व रेलकर्मी / बिल्डर्स तथा तेलगु वेलफेयर सोसाइटी के मनोनीत अध्यक्ष (बिना चुनाव किए बगैर अध्यक्ष बने) टी गोपी के खिलाफ शिकायत की गई, पीड़ित विधवा महिला ने बताया कि टी गोपी द्वारा जो मकान फ्लैट मुझे बेचा गया है उस रजिस्ट्री पेपर किसी अन्य महिला के नाम पर है उनके द्वारा रजिस्ट्री किया गया है जब रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात नामांतरण बी 1 नहीं बन पाने के कारण पीड़ित महिला द्वारा शिकायत कि गई साथ ही पीड़ित महिला ने दावा किया है कि जो मकान/ फ्लैट मुझे बेचा गया है तथा उक्त भूमि वाली मकान फ्लैट अगर उनकी ही स्वामित्व भूमि होती तो विगत वर्ष 2013 से अब मेरे रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात नामांतरण क्यों नहीं हो पा रहा है और ना ही बी 1 बन रहा है पीड़ित महिला ने यह भी बताया कि मेरे जैसे कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें ऐसे ही मकान बेचा गया है जिनका नामांतरण - बी 1 आज तक नहीं बना है राजधानी हलचल टीम को विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि अगर रेल जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान नहीं बनाया गया है तो फिर ऐसी कौन सी अपनी स्वामित्व भूमि है जिससे रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात नामांतरण नही हो पा रहा है है और ना ही बी 1 दस्तावेज बन पा रहा है अगर उक्त जमीन रजिस्ट्री पेपर की निष्पक्ष जांच किया जाए तो उक्त रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात आखिरकार नामांतरण और बी 1 नहीं बनने का असल बात का खुलासा हो पाऐगा साथ ही सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे जगहों पर मकान फ्लैट बनाकर बेचा गया है और जिन - जिन लोगों ने खरीदा है उन सभी लोगों का भी नामांतरण बी 1 नहीं बन रहा है ऐसे में उक्त भूमि क्या छत्तीसगढ़ शासन की है जिससे रजिस्ट्री पंजीकृत पश्चात ना ही नामांतरण हो पा रहा है और ना ही बी 1 बन पा रहा है सूत्रों ने यह भी बताया कि जिन - जिन लोगों ने रजिस्ट्री पंजीकृत कर मकान खरीदा गया है वह शायद फर्जी रजिस्ट्री हो सकता है क्योंकि पीड़ित लोगों की रजिस्ट्री पेपर देखें जाने पर यह मालूम हो रहा है कि एक जमीन की खसरा नंबर अलग - अलग जगहों पर कैसे दर्शाया जा रहा है अगर निष्पक्ष रूप से जांच किया जाए तो यह प्रमाणित हो जाऐगा कि जिन - जिन लोगों को मकान फ्लैट बनाकर बेचा गया है वह किस जमीन पर बनी हुई है खसरा नंबर की वास्तविक लैंडलाइन किस ओर दर्शील होना पाया जा रहा है सूत्रों के अनुसार यह भी मालूम हुआ है कि टी गोपी द्वारा तेलुगु समाज के लोगों को भी ऐसे ही जमीन पर मकान / फ्लैट बनाकर अन्य लोगों के नाम से पंजीकृत कर बेचा गया है पीड़ित महिला ने भी बताया कि मेरे द्वारा शिकायत करने पर टी गोपी द्वारा मेरे चरित्र पर लांछन लगाते हुए वाइस रिकार्डिंग कर सार्वजनिक रूप से वायरल कर मुझे बदनाम किया जा रहा है मैं अत्यधिक रूप से मानसिक तनाव में जी रही हूं मैंने पुलिस अधीक्षक महोदय, थाना प्रभारी थाना खमतराई, तथा राज्य महिला आयोग में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई हूं साथ ही साथ टी गोपी द्वारा जो वाइस रिकार्डिंग में कहकर बदनाम किया जा रहा है उसे साबित करें तथा पूर्व पार्षद / पूर्व विधायक / तथा वर्तमान विधायक को मैंने कैसे बर्बाद किया है उसे साबित करें कि मैंने किस तरह / कब और कैसे बर्बाद किया है टी गोपी तेलुगु वेलफेयर सोसाइटी में अध्यक्ष पद पर बैठकर अपने ही समाज के लोगों को बदनाम किया जा रहा है और अपने ही समाज के लोगों को अपना स्वामित्व भूमि बताकर अन्य लोगों के नाम पर जमीन पंजीकृत कर तेलगु लोगों को भी बेचा गया है जिसका प्रमाण मेरे पास है। जब समाज के ही मनोनीत अध्यक्ष (बगैर चुनाव के अध्यक्ष) द्वारा फर्जीवाड़ा कर अपने ही समाज के लोगों को लुटा जा रहा है तो ऐसे मनोनीत समाज के अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए जिससे ऐसे मनोनीत अध्यक्ष से अन्य लोगों को बचाया जा सके, सूत्रों के अनुसार मालूम हो कि ऐसे ही गुट के लोगों के खिलाफ (1) थाना देवेन्द्र नगर रायपुर में अपराध क्रमांक 35/2020 में अपराध धारा - 419,420,467,468,471,120 बी, (2) थाना खम्हारडीह रायपुर में अपराध क्रमांक 54/20 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी, (3) थाना तेलीबांधा रायपुर में अपराध क्रमांक 173/2020 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी , (4) थाना गंज रायपुर में अपराध क्रमांक 74/2020 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी ,(5) थाना आजाद चौक रायपुर में अपराध क्रमांक 88/2020 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी , (6) थाना न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर में अपराध क्रमांक 159/2020 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी ,(7) थाना सिटी कोतवाली रायपुर में अपराध क्रमांक 150/2020 धारा - 419,420,467,468,471,120 बी , के तहत सात बड़े फर्जीवाड़ा के संज्ञेय अपराध के मामले दर्ज हैं । रेल विभाग के सूत्रों अनुसार इस बात जानकारी मिली है कि अप बाईपास रेल लाइन तथा डाउन बाइपास रेल लाइन की ओर रेल्वे के भूमि पर कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर निर्माण करना पाया गया है जिसे रेल्वे विभाग ने नोटिस जारी कर जल्द हटने की हिदायत दी गई है साथ ही अप बाईपास रेल लाइन से लगकर जिन - जिन लोगों ने कुछ हिस्सों पर रेलवे जमीन पर अवैध निर्माण किया है उन्हें जल्द ही नोटिस जारी किया जाना है जिससे वह स्वयं रेल भूमि से अपना अवैध निर्माण हटा सके , कब्जाधारियों को नोटिस जारी पश्चात कब्जा नहीं हटाऐ जाने पर रेल विभाग द्वारा अवैध कब्जा को तोड़ा जाऐगा, मालूम हो कि बहुत जल्द ही ऐसे बड़ी फर्जीवाड़े की खुलासा किया जाना बाकी है।





