राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष से अधिक आयु के
साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत 1 सितम्बर को समस्त शासकीय कार्यालयों, स्कूलों एवं कॉलेजों में उल्लास शपथ के साथ होगी। इस अभियान के दौरान घर-घर सघन सर्वेक्षण कर 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल पंजीयन किया जाएगा। अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा 10 असाक्षरों को साक्षर बनाने पर स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देने का विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पखवाड़े के शुरुआती दिनों में 'अंगूठे से कलम की ओर' अभियान चलाकर नव-साक्षरों को हस्ताक्षर सिखाया जाएगा तथा शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।
जन-जागरूकता फैलाने के लिए हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक, साक्षरता चौपाल, प्रभात फेरी और मशाल रैलियों का आयोजन किया जाएगा। 7 सितम्बर को 'चिट्ठी कलेक्टर के नाम' प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें नव-साक्षर बुजुर्ग एवं महिलाएँ स्वयं हाथ से चिट्ठी लिखकर साक्षरता का संदेश देंगे। 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर मुख्य समारोह होंगे और सायं 7:00 बजे पूरे राज्य में 'उल्लास साक्षरता दीप' जलाकर सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन प्रातः 8:00 बजे विद्यार्थियों व नागरिकों द्वारा साक्षरता नारों के साथ विशाल मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके अगले दिन 9 सितंबर को नवाचारी शिक्षकों द्वारा उल्लास के शिक्षार्थियों को सीखने सिखाने के लिए मनोरंजन टीएलएम का प्रदर्शन किया जाएगा।
पखवाड़े के अंतिम चरण में वाचन दिवस, महिला साक्षरता पर केंद्रित संगोष्ठी, और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों की महिलाओं के लिए विशेष साक्षरता गतिविधियाँ आयोजित होंगी। बैंकों के सहयोग से नागरिकों को स्मार्टफोन चलाने, डिजिटल भुगतान, व्हाट्सऐप उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। गणेशोत्सव पंडालों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर 'सेल्फी विद नव-साक्षर' के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। 15 सितम्बर को समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवी शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा तथा सितम्बर के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाली महापरीक्षा अभियान की अंतिम तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।





